राम मंदिर साजिश मामले में गिरफ्तार सुहैल के घर पसरा सन्नाटा, पिता बोले- अगर दोषी है तो सख्त सजा दो, लेकिन निष्पक्ष जांच हो

NIATS Raid Saharanpur Digital Evidence Checking Phone Saharanpur NIA Arrest

सहारनपुर : अयोध्या के राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश के मामले में सहारनपुर के गंगोह निवासी मोहम्मद सुहैल की गिरफ्तारी के बाद उसके घर में मातम जैसा माहौल है। एक ओर जहां NIA और ATS गंभीर आरोपों की जांच में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर परिवार अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। घर के बाहर लोगों की भीड़ है, रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ है और परिवार के सदस्य सदमे में हैं। बुढ़ी माँ का रो रो कर बुरा हाल है। हालांकि उसके भाई और पिता दोषी पाए जाने पर सुहैल को सज़ा देने की मांग भी कर रहे हैं।


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आपको बता दें कि कस्बा गंगोह के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले मोहम्मद सुहैल की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही गांव और मोहल्ले में पहुंची हर कोई हैरान रह गया। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका बेटा ऐसे किसी मामले में गिरफ्तार होगा। घर में मौजूद मां, बहनें और भाई लगातार एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि उनका बेटा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इतने बड़े मामले में जांच एजेंसियों के घेरे में आ गया।

सुहैल के पिता लियाकत की आंखों में चिंता और दर्द साफ दिखाई देता है। बेटे की गिरफ्तारी का जिक्र आते ही उनका गला भर आता है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा मजदूरी और पेंटिंग का काम करता था और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए घर से दूर काम करने गया था। पिता का कहना है कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “अगर मेरा बेटा दोषी है तो उसे कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन अगर वह निर्दोष है तो उसे बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। हम सिर्फ निष्पक्ष जांच चाहते हैं।”

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बहन गुलदस्ता बताती हैं कि उसका भाई मोहम्मद सुहैल 6 जून को काम के सिलसिले में कर्नाटक गया था। वहां वह एक ठेकेदार के साथ पेंटिंग का काम कर रहा था। उसका जीवन बेहद सामान्य था और वह रोजमर्रा की मजदूरी करके अपना भविष्य संवारने की कोशिश कर रहा था। इसी बीच उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने से पूरा परिवार सकते में आ गया।

भाई मुजम्मिल जो दिल्ली में होजरी का काम करता है खबर मिलते ही घर पहुंच गया। उसने बताया कि सुहैल को मोबाइल चलाने और फोटो खींचने का शौक था। वह अक्सर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ तस्वीरें साझा करता रहता था। मुजम्मिल का कहना है कि उसके भाई का किसी भी तरह की आपराधिक या राष्ट्रविरोधी गतिविधि या फिर पाकिस्तानी संगठनों से कोई संबंध नहीं है। उसने कहा कि परिवार जांच एजेंसियों का सम्मान करता है और सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहा है।
घर के एक कोने में बैठी बहन गुलस्ता और माँ सरीन की आंखों से लगातार आंसू बह रहे हैं। वह बताती हैं कि परिवार बड़ा है और सभी भाई-बहन मेहनत मजदूरी कर अपने-अपने जीवन को बेहतर बनाने में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि परिवार में छह बहनें और चार भाई हैं। बड़े भाई शोएब की उम्र 22 वर्ष है, जबकि सुहैल करीब 20 वर्ष का है। एक अन्य भाई अयाज पिछले तीन वर्षों से सऊदी अरब में वाहन चालक के रूप में काम कर रहा है। परिवार के अधिकांश सदस्य रोजगार के लिए घर से दूर रहते हैं और अपनी कमाई से परिवार का सहारा बने हुए हैं।

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गुलस्ता कहती हैं कि परिवार के लिए यह समय किसी बुरे सपने से कम नहीं है। मोहल्ले के लोग लगातार घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन हर किसी के मन में यह सवाल है कि आखिर सच क्या है। परिवार का कहना है कि जब तक अदालत या जांच एजेंसियां किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचतीं तब तक किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं। NIA अनुसार जांच में कई डिजिटल साक्ष्यों, संपर्कों और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की जा रही है।
एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी के संबंध किन लोगों से थे और क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। हालांकि अभी तक जांच जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया जा रहा है। गांव और मोहल्ले में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग जांच एजेंसियों की कार्रवाई को गंभीर सुरक्षा इनपुट का परिणाम मान रहे हैं जबकि कुछ लोगों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष आने से पहले किसी भी तरह की राय बनाना जल्दबाजी होगी।
इसी बीच परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि जांच में जो भी सच होगा, वह जल्द सामने आएगा। फिलहाल मोहम्मद सुहैल की गिरफ्तारी ने एक साधारण परिवार की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है। घर में पसरा सन्नाटा, परिजनों की नम आंखें और सच जानने की बेचैनी इस बात की गवाही दे रही है कि किसी भी बड़े मामले का असर सिर्फ आरोपी तक सीमित नहीं रहता बल्कि उसके परिवार और आसपास के लोगों को भी गहरे स्तर पर प्रभावित करता है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि इस पूरे मामले का सच आखिर क्या है।
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